बारिश उस दिन भी हो रही थी, जब आरव ने पहली बार मीरा को देखा था। भीगी सड़क पर उसकी हँसी जैसे किसी पुराने गीत की धुन लग रही थी। ☔ धीरे-धीरे मुलाक़ातें बढ़ीं और बातों ने रिश्ता बना लिया। अगर आपको बारिश वाली सच्चा प्यार कहानी पसंद है, तो यह कहानी भी आपके दिल को छू जाएगी।
लेकिन किस्मत को शायद यह कहानी मंज़ूर नहीं थी। मीरा के घरवालों ने उसका रिश्ता कहीं और तय कर दिया। उस रात आरव ने एक आख़िरी ख़त लिखा— “अगर कभी याद आऊँ, तो बारिश में मुझे ढूँढ़ लेना।” 💌 इंतज़ार और जुदाई की यही भावना आपको इंतज़ार से गहरा प्यार में भी महसूस होगी।
सालों बाद, एक बरसाती शाम मीरा को वही ख़त पुरानी किताब में मिला। 🌙 उसकी आँखों से आँसू बारिश में घुल गए। उसने आसमान की ओर देखा, जैसे आरव अब भी वहीं हो। दूरियों और अधूरी मोहब्बत की ऐसी ही भावनाएँ दूरियों के दरमियाँ में भी झलकती हैं।
कुछ प्यार पूरे नहीं होते, फिर भी हमेशा ज़िंदा रहते हैं। ❤️ अगर आपको सच्चे और मासूम प्रेम की कहानियाँ पसंद हैं, तो गाँव की वो पहली मोहब्बत भी ज़रूर पढ़ें। 💞




